26 मई 2018

बालों की समस्याओ पर विविध लेप

Ayurvedic Hair Packs for Various Hair Related Problems


पिछले लेख में हमने बालों की समस्या पर केश तेल तथा नस्य तेल बनाने की विधि जानी अब इस लेख में हम आपको बालों की विभिन्न समस्याओं पर विविध हेयर पैक या लेप (Hair Pack) बनाने की विधि तथा उसके उपयोग के बारे में जानकारी देंगे-

बालों की समस्याओ पर विविध लेप

अब आपके मन में स्वाभाविकता प्रश्न उठेगा कि जब हम केश तेल का उपयोग बालों में कर रहे हैं तो हमें बालों में लेप या हेयर पैक (Hair Pack) लगाने की जरूरत क्यों है इस प्रश्न का सरल भाषा में उत्तर दिया जाए तो जिस तरह केश तेल केश ग्रंथियों में संचित वात दोष को दूर करता है वैसे ही बालों पर लगाया हुआ लेप केश ग्रंथियों में संचित पित्त या सर की गर्मी को कम करता है तथा सिर की त्वचा को कंडीशनिंग (Scalp Conditioning) भी करता है-

हेयर पैक (Hair Pack) बालों को पोषण देने के साथ साथ सिर की त्वचा को स्निग्ध करता है तथा बालों संबंधित समस्याओं का नाश करता है जिससे बाल झड़ना (Hair loss) कम होता है-

हेयर पैक (Hair Pack) लगाने से सिर की त्वचा के इंफेक्शन (Scalp Infection), फोड़े फुंसी, सिर में खुजली आना तथा सिर की त्वचा पर पपड़ी जमना जैसी समस्याएं भी दूर होती है-

हेयर पैक (Hair Pack) लगाने से बालों में जुएं और लिखे (Head Lies) से भी मुक्ति मिलती है तथा बालों की योग्य सफाई भी होती हैं-

इस तरह हेयर पैक सिर की त्वचा की कंडीशनिंग (Scalp Conditioning) करते हैं, सफाई करते हैं, सर की त्वचा को मुलायम करते हैं तथा सिर की त्वचा को पोषण भी देते हैं-

आज हम आपको बालों की विभिन्न समस्याओं पर आयुर्वेदिक शास्त्रोक्त तथा हर्बल हेयर पैक (Hair Pack) के बारे में विस्तार से जानकारी दें जिसे आप आसानी से उपयोग करके बालों की विभिन्न समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं-

बालों की समस्याओ पर विविध लेप-


सिर की त्वचा में होने वाली फोड़े फुंसी के लिए लेप-


गर्मी तथा प्रदूषण की वजह से जब सिर में ज्यादा पसीना आता है तथा जब सिर की योग्य सफाई ना की जाए तब या रक्त दोष की वजह से सिर की त्वचा में छोटे-छोटे फोड़े फुंसियां होने लगती है जिस में जलन व खुजली चलती (Scalp Itching) रहती है और यह समस्या बढ़ने पर बालों की जड़े कमजोर होने लगती है व बाल गिरने (Hair loss) लगते हैं इस समस्या को आयुर्वेद में अरुषिका कहा गया है जिसके उपचार में महर्षि शारंधर जी कहते हैं कि-

खदिरारिष्ट ज्मबुनां त्वगिभर्व़ा  मूत्र संयुत: |
कुटजत्वक सैधवं वा लेपो हन्या दरूंषिकाम ||१७||

अर्थात-

खेर, नीम तथा जामुन के वृक्ष की छाल समान भाग लेकर गोमूत्र में पीसकर इसका लेप सिर में करने से सिर में होने वाले फोड़े फुंसी तथा खाज खुजली (Scalp Itching) नष्ट होती है व सिर की त्वचा स्निग्ध होकर बालों की जड़े मजबूत बनती है-

सिर की त्वचा में खुजली व पपड़ी जमने की समस्या पर लेप-


अक्सर जब अरूषिका की समस्या को अनदेखा किया जाता है तब यह समस्या हो जाती है जिसमे सिर में अत्यंत खुजली होना (Scalp Itching), सिर की त्वचा में पपड़ी जमना, गीली पपड़ी जमना, सिर की त्वचा से बदबू आना तथा सिर की त्वचा अत्यंत रूक्ष या सुकी (Dry Scalp) हो जाना जैसी समस्याएं हो जाती हैं-

इस समस्या में सिर की त्वचा बहुत ज्यादा सूखी हो जाने की वजह से सिर में भयंकर खुजली आती रहती है कई बार रोगी खुजलाते खुजलाते त्वचा से खून भी निकाल देते हैं कफ व वायु के प्रकोप से होने वाले इस रोग में सर दर्द भी होता है तथा सिर हमेशा भारी रहता है, आंखों में जलन व दर्द भी होते रहता है कभी-कभी इस रोग में पपड़ी की जगह बड़े बड़े फोड़े या घाव भी हो जाते हैं-

इस समस्या को आयुर्वेद में दारूणक कहा है-ऐसी समस्या पर उपचार बताते हुए महर्षि शारंधर कहते हैं कि-

प्रियाल बिज मधुक कुष्ठमाशै : ससैधवै |
कार्यो दारुणके मूध्धिन, प्रलेपो मधुसंयुत ||१८||

अर्थात-

चिरौंजी, मुलहठी, कुष्ठ या उपलेट, सेंधा नमक तथा साबुत उडद इन सबको समान भाग लेकर इन सब का बारीक चूर्ण करके शहद में मिलाकर लगाने से दारूणक रोग मिटता है तथा सिर की त्वचा (Scalp) स्वस्थ बनती है व बालों का झड़ना (Hair loss) भी रुकता है-

केश वर्धक इंद्रलुप्त नाशक लेप-


आजकल बालों का झड़ना (Hair loss), बालों का कम घना होना तथा बालों की लंबाई का ना बढ़ना जैसी समस्याएं आम हो गई है बाल का झड़ना किसी भी उपचार से रोक भी दे तो भी झड़े हुए बाल वापस ना आए तो उस जगह गंजापन या खालित्य (Alopecia) निर्माण हो जाता है-

सर में संचित दोष केश ग्रंथियों के आस पास जमा होकर सिरके के रोम छिद्रो (Hair Follicle) या केश स्रोतों को बंद कर देते हैं जिससे नए बाल उगना बंद हो जाता है और धीरे-धीरे गंजापन (Baldness) बढ़ने लगता है-

ऐसी समस्या पर महर्षि शारंगधर जी ने शारंगधर संहिता में एक उत्तम लेप बताया है-

यष्टिन्दीवर मुद्रिकातेलाजयक्षीर लैंपने: |२४|
इन्द्र्लुप्त : शमं यानि केशा: स्यु :सघना ढृढ़ |

अर्थात-

मुलेठी, नीलकमल द्राक्षा या अंगूर को समान भाग लेकर तिल के तेल, घी  तथा दूध के साथ पीसकर बालों में लगाने से बाल झड़ना रुकता है, सर में नए बाल आते हैं, गंजापन (Baldness) दूर होता है तथा बालों की जड़े मजबूत बनती है व बाल घने होते हैं-

नोट- 

अंगूर की जगह मुनक्का या किसमिस ले सकते हैं-

इस योग में घी व दूध गाय का ही लेना है-

सर की गर्मी नाशक हर्बल लेप-


बालों की समस्याओ पर विविध लेप

अक्सर गर्मियों में सिर की त्वचा गरम लगना, सिर में जलन होना, बाल झड़ना (Hair fall), सिर में ज्यादा पसीना आना, सिर दर्द, आंखों की जलन, कनपटियों का गर्म होना तथा सूज जाना, बालों की जड़ों में दर्द या बाल खींचे खींचे रहना जैसी समस्याएं होती है-

शरीर में पित्त विकार या गर्मी बढ़ने से तथा सिर में गर्मी बढ़ने से यह समस्या होती है ऐसी समस्या पर यह हर्बल लेप (Hair Pack)  बहुत गुणकारी है-

सामग्री-


लौकी- 100 ग्राम
नारियल की गिरी- 50 ग्राम
कड़ी पत्ते- 50 ग्राम
गुलाब पंखुड़ी- 50 ग्राम
मेथी दाना- 10 ग्राम
गाय का दूध या दही- जरूरत के मुताबिक

बनाने की विधि-


इन सबको मिलाकर बारीक महीन पीसकर चटनी बना ले अब इस का मोटा-मोटा लेप सर के मध्य भाग में करें तथा सूती कपड़ा बाँध ले आधे घंटे बाद धो ले-यह लेप सिर की गर्मी को सोख लेता है तथा सिर व आंखों को ठंडक देता है-

बालों में होने वाली जुएं और लीखों (Head Lies) पर लेप-


अक्सर योग्य सफाई ना होने से तथा जिनके सिर में जुएं और लीख हो ऐसी व्यक्तियों के सानिध्य से या उनके बिस्तर पर सोने से बालों में जुए लीख बन जाती हैं जिन से मुक्ति पाना बेहद कष्टदायक होता है इससे स्वास्थ्य पर तो असर पड़ता ही है लेकिन शर्मिंदगी महसूस होती है ऐसी समस्या में यह लेप (Hair Pack) बहुत लाभदायक है-

सामग्री-


नीम की पत्तियां- 100 ग्राम
जामुन के पत्ते- 100 ग्राम
तुलसी की पत्तीया-  100 ग्राम
नीम का तेल

बनाने की विधि-


नीम के पत्तों, जामुन के पत्तो व तुलसी के पत्तों को समान भाग लेकर बारीक चूर्ण करके मिलाकर रख दे-जब लेप लगाना हो तब इस चूर्ण को पानी में मिलाकर गाढा लेप बना ले अब उसमे 10 ml नीम की निम्बोली का तेल मिलाकर खूब घोंट ले व सर में बालों की जड़ो में लगा दे-यह लेप रात को लगाए व सर में सूती कपड़ा लपेट कर सोए सुबह सारी जुए मरकर कपड़े में आ जाएगी-यह लेप हर हफ्ते या जरुरुत के हिसाब से नियमित करने से जूओ व लीखों से स्थाई रूप से मुक्ति मिलती हैं-



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