4 मई 2018

कंदर्प पाक बनाने की विधि तथा सेवन से लाभ

Preparation Method and Benefits of Kandarp Pak


पिछले लेख में हमने कंदर्प पाक (Kandarp Pak) बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा कंदर्प पाक का सेवन क्यों व कैसे करना है इस बारे में विस्तार से जाना इस लेख में हम आपको कंदर्प पाक बनाने की विधि तथा उसके लाभ व उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दें देंगे-

कंदर्प पाक बनाने की विधि तथा सेवन से लाभ

कंदर्प पाक (Kandarp Pak) न सिर्फ कामेच्छा वर्धक आयुर्वेदिक औषधि कल्प हैं बल्कि यह एक उत्तम बलवर्धक, शक्तिवर्धक, पुष्टिवर्धक, तथा आंतों, ह्रदय, पेट, वृषण व आँखें जैसे अवयवों को शक्तिशाली बनाने वाला एक उत्तम हेल्थ टॉनिक है इसको बनाना बेहद ही आसान तथा सरल है आप इसे आसानी से घर पर बनाकर इसका सेवन करके इसके लाभ घर बैठे ले सकते हैं-

कंदर्प पाक (Kandarp Pak) बनाने की विधि-


सामग्री-

सफेद प्याज (White Onion) मध्यम आकार के- 20 पीस
जायफल, दालचीनी, मेथी, तेजपत्ता, गुलाबकी पंखुड़िया सुखी हुई सभी-  2-2- ग्राम
प्राकृतिक शहद (Honey)- आवश्यकतानुसार

बनाने की विधि-

1- सबसे पहले आप मध्यम आकार के 20 सफ़ेद प्याज (White Onion) लेकर उसके छिलके हटा ले व चारों तरफ चीरा लगा दे-

2- इसके उपरान्त आप जायफल, दालचीनी, मेथी, तेजपत्ता, गुलाब की पंखुड़िया आदि सबको खूब कुट पीस कर महीन चूर्ण बना ले तथा कपडछन करके आपस में मिला दे-

3- अब इस चूर्ण के आधे-आधे ग्राम के 20 भाग कर ले तथा प्याज में जहाँ आपने चीरा लगाया था उसमें भर दें-

4- अब सफेद प्याज (White Onion) को कांच के बरनी या पात्र में रखते जाए व उपर से शहद डालते जाए-

5- प्याज शहद (Honey) में पूरी तरह डूब जाए तथा शहद की मोटी परत प्याजो के उपर आ जाए इतनी मात्रा में हमें इसमें शहद डालना हैं-

6- इसके बाद बरनी का ढक्कन करके बंद कर ले तथा काली मिट्टी पानी में मिलाकर इसका मोटी परत बरनी पर चढ़ा दे ध्यान रहे कि मिटटी की परत दो से तीन उंगली मोटी होनी चाहिए अब आप इसे सूखने के लिए धूप में रख दें-

7- ध्यान रहे बरनी पर चारों तरफ से मिट्टी की मोटी परत चढ़ाना है अगर एक साथ मोटी परत ना चढ़ पाए तो पहले पतली परत चढ़ाकर उसे सुखा ले फिर दूसरे दिन और एक परत चढ़ा दे-

8- जब मिट्टी संपूर्ण सुख जाए व कड़ी हो जाए तब इस बरनी को साफ-सुथरे अंधेरे कमरे में 41 दिन के लिए रख दे-

9- याद रहे आप यह बरनी जहां भी रखो वह जगह थोड़ी गर्माहट वाली हो अगर सर्दियों में कंदर्प पाक बनाना हो तो हो मिटटी की परत लगी हुई बरनी को दो-तीन घंटे धूप में भी रख सकते हैं इस तरह गर्मी से 41 दिन में यह पाक बन कर सिद्ध हो जाएगा-

सेवन विधि-


1- जिनकी वीर्य क्षमता कम हो गई हो, वीर्य पतला हो गया हो, कामेच्छा कम हो गई हो, ज्यादा वीर्य क्षरण से कमजोरी आ गई हो ऐसे लोगों ने इस पाक में से रोज सुबह नाश्ते के साथ 1-1 प्याज दूध तथा घी के साथ खाना चाहिए-

कंदर्प पाक बनाने की विधि तथा सेवन से लाभ

2- शारीरिक दुर्बलता, बीमारी ग्रस्त, अनिंद्रा, घबराहट तथा अशक्त लोगों ने इस पाक का सेवन रात को सोने से पहले करना चाहिए रात को सोने से पहले इस पाक मे से एक-एक प्याज चबा-चबा कर खाने से कमजोरी तथा थकावट, अनिद्रा जैसी समस्या में चमत्कारिक लाभ मिलता है-

कंदर्प पाक (Kandarp Pak) के लाभ तथा उपयोग-

1- कंदर्प पाक के सेवन से शरीर में नये रक्त तथा धातु की वृद्धि होती है तथा कामेच्छा (Libido) बढती हैं-

2- कंदर्प पाक के सेवन से नपुंसकता (Impotence) दूर होती है धातु की वृद्धि होने से वीर्य गाढ़ा होता है-

3- संतान प्राप्ति के आतुर व्यक्ति को इसका सेवन अवश्य करना चाहिए-

4- कंदर्प पाक (Kandarp Pak) के सेवन से अनिद्रा दूर होती है व थकान (Fatigue) उतरती है -

5- कंदर्प पाक के सेवन से पाचन आग्नि प्रदीप्त होता है खाए हुए अन्न का अच्छी तरह पाचन (Digestion) होता है तथा शौच साफ होने से आंतों में जमा मेल तथा गर्मी बाहर निकलती है जिससे आंतों संबंधित समस्याओं में लाभ मिलता है-

6- कंदर्प पाक (Kandarp Pak) के सेवन से क्षय रोग (Tuberculosis) वजह से कमजोर हुए फेफड़ों में नई जान आती है, फेफड़ों में पनपने वाले रोगाणु (Germs) नष्ट होते हैं तथा सडान व इंफेक्शन दूर होता है जिससे कफ व खांसी जैसी समस्याएं भी कम होती हैं-

7- कंदर्प पाक (Kandarp Pak) के सेवन से रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ती है तथा शरीर बलवान (Potent) होता है-

8- धड़कन बढ़ना (Palpitation), ह्रदय रोग, छाती में दर्द जैसी समस्याएं दूर होती है तथा रक्तचाप भी सुचारु होता है-

9- कंदर्प पाक के सेवन से स्मरणशक्ति बढ़ती है बीमारी की वजह से निर्बल हुए स्नायुतंत्र (Frailty) मजबूत होते हैं तथा शरीर पुष्ट होता है-

10- कंदर्प पाक (Kandarp Pak) के सेवन से लू (Sunstroke) नहीं लगती तथा गर्मियों में होने वाली समस्या कम होती है अर्श व मस्सों में होने वाला रक्तस्राव (Bleeding) कम होता है तथा बवासीर भी दूर होता है-

11- कंदर्प पाक के साथ गुड़ खाने से (मात्रा कम) बच्चों की स्मरण शक्ति (Memory Power) बढ़ती है, बुद्धि प्रखर होती हैं, रोग प्रतिकारक शक्ति (Immunity) बढ़ती है बच्चों में नई ऊर्जा आती है तथा बच्चों की लंबाई भी बढ़ती है-

नोट- 

यह पाक समाप्त होने के बाद बचे हुए शहद को आप दुबारा इस पाक के बनाने में प्रयोग कर सकते है अथवा आप इस शहद का उपयोग भी रोज दो या तीन चम्मच दूध में डालकर सेवन कर सकते है-

ध्यान रहे यह पाक बनाने के लिए सफेद प्याज का ही इस्तेमाल करें तथा प्याज छोटे या माध्यम आकार का ही लेना है-बड़े प्याज का उपयोग बिलकुल भी न करें-

अगली पोस्ट- कामशक्ति वर्धक कंदर्प पिष्टी कल्प कैसे बनाए

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