23 जून 2018

गुड़हल के फूल के अनुभूत औषधीय प्रयोग

Medicinal Uses of Hibiscus Flower


पिछले लेख में हमने गुड़हल के फूल (Hibiscus flower) के गुण,लाभ व उपयोग के बारे में विस्तार से जाना गुड़हल का फूल हमारी आध्यात्मिक उन्नति करता है तथा शारीरिक स्वास्थ्य व सौन्दर्य भी बढ़ाता है गुड़हल का फूल मनुष्य का मानसिक स्वास्थ भी बढाता हैं तथा जीवन में ओज,बल वीर्य,व उत्साह की वृध्दि करके मनुष्य के जीवन को सुखमय भी बनाता हैं-

गुड़हल के फूल के अनुभूत औषधीय प्रयोग

इस लेख में हम आपको गुड़हल के फूल (Hibiscus flower) के विविध औषधिय योग बनाने की विधि व उनके लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे यह योग बनाने में बेहद आसान व सरल  है तथा पूर्ण नीराप्रद होने के साथ-साथ अनुभूत भी है इसे आप आसानी से घर पर बना कर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं-

गुड़हल के फूल के अनुभूत औषधीय प्रयोग-

गुड़हल के फूल का शरबत-


100 से 125 गुड़हल के फूल (Hibiscus flower) लेकर अच्छे से धो कर बीच की डंडी निकालकर सुखा लें इन फूलों को 4 लीटर पानी में उबालकर पानी 2 लीटर बचे तब छानकर इसमें 1 किलो शक्कर डालकर मंद आंच में पकाकर गाढ़ी चाशनी बना ले-

गुड़हल के फूल के अनुभूत औषधीय प्रयोग
आप चाहे तो इसमें 25 ग्राम इलायची भी डाल सकते हैं ठंडा होने पर इसे साफ सुथरे बचपन में बर्तन में रख दे-

मात्रा अनुपान-


20 से 30 ml तक डेढ़ सौ ml पानी में डाल कर पिए-

लाभ व गुण-


यह शरबत शीतल, पौष्टिक, प्रमेह को मिटाने वाला है इसके सेवन से छाती का दर्द तथा ह्रदय का दर्द (Angina pain), खांसी, रक्तप्रदर, दाह, तथा मूत्र संबंधी तकलीफें व जलन (Irritation) दूर होती है-

गुड़हल के फूल का गुलकंद-


गुड़हल के फूल (Hibiscus flower) का गुलकंद जिसे कुसुमकंद भी कहा जाता है यह पुराने जमाने में वैद्य जनों का पसंदीदा औषधीय कल्प था-

गुड़हल के फूलों (Hibiscus flower) को लेकर साफ धो कर सुखा कर बीच की डंडी निकालकर पंखुड़ियां अलग कर लें तथा शास्त्रोक्त विधि से गुलकंद बना ले सूर्य तापित विधि से बनाया हुआ यह कुसुमकंद बेहद स्वादिष्ट तथा पौष्टिक औषधीय योग है-

मात्रा अनुपान-

5 से 10 ग्राम तक गर्म दूध के साथ सुबह शाम ले-

लाभ तथा उपयोग-


1- इस कुसुम कंद के नियमित सेवन से पेट की गर्मी दूर होती है-

2- इसके प्रयोग से आंतों का कड़ापन दूर होता है तथा यह कुसुम कंद फाइबर से भरपूर होने की वजह से कब्ज में भी लाभदायक है-

3- बवासीर (Hemorrhoids) तथा गुदामार्ग की जलन जैसे रोगों में यह गुलकंद बेहद हितकारी हैं-

4- रक्ताल्पता दूर होती हैं हिमोग्लोबिन (Hemoglobin) बढ़ता है-

5- यह कुसुम कंद खाने से शरीर की अतिरिक्त गर्मी (Excess body heat) निकल जाने से त्वचा का कालापन, फोड़े फुंसी, खुरदुरापन कम होती है-

गुड़हल के फूलों की चाय-


पांच गुड़हल के ताजे फूल (Hibiscus flower) या सूखे हुए फूल लेकर दो कप पानी में उबालें साथ में आधा इंच दालचीनी का टुकड़ा तथा दो पत्ते तुलसी के भी डालें जब पानी उबलकर एक कप हो जाए तब चाय को छानकर उसमें अपनी पसंद अनुसार शहद या शक्कर मिलाकर इसका सेवन करें-

गुण तथा उपयोग-

1- गुड़हल के फूलों की चाय (Hibiscus flower tea) पीने से अपचन तथा कमजोर पाचन शक्ति जैसी समस्या कब होती है तथा पेट संबंधित गड़बड़ियां (Stomach disorder) दूर होती हैं पेट संबंधित गड़बड़ियों में यह चाय भोजन के 15 मिनट बाद पीनी चाहिए-

2- गुड़हल के फूलों की चाय (Hibiscus flower tea) रक्त परिभ्रमण को सुचारू करती है इसीलिए यह चाय पीने से बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) कम होता है तथा रक्त में पाई जाने वाली अशुद्धियां तथा विषैले तत्वों (Toxins) का योग्य उत्सर्जन होता है-

3- गुड़हल के फूलों की चाय (Hibiscus flower tea) फेफड़ों के लिए भी बेहद लाभदायक है खांसी, कफ इन्फेक्शन (Cough infection), गले की खराश (Sore throat), छाती में कफ भर जाना तथा छाती के दर्द में यह चाय बेहद लाभदायक है-

4- यह चाय ह्रदय को मजबूत रखती है तथा मन को प्रसन्नता देती है-

5- गुड़हल के फूलों की चाय के सेवन से मूत्र संबंधित समस्याएं, कष्ट मुत्र, मूत्र की जलन तथा इन्फेक्शन (Urinary tract infection) जैसी समस्याएं भी खत्म होती है-

जपाकुसुम तेल (Hibiscus hair oil)-


लगभग ढाई सौ ग्राम गुड़हल के फूलों (Hibiscus flower) को अच्छे से साफ़ करके दूध के साथ खरल में पीसकर इसका कल्क बना ले अब इस कल्क को 300 ग्राम तिल के तेल में डालकर मंद आंच पर पकाकर तेल सिद्ध कर ले व छानकर साफ़ बर्तन में संग्रहित करले-

लाभ व उपयोग-


जपाकुसुम तेल (Hibiscus hair oil) की सिर में नियमित मालिश करने से बालों का झड़ना (Hair fall) कम होता है, बाल घने व लंबे होने में मदद होती है, जिन लोगों को अनुवांशिक कारणों की वजह से असमय बाल सफेद होने की समस्या (Premature greying of hair) है उनके लिए यह तेल बेहद गुणकारी है-

गुड़हल के फूल के अनुभूत औषधीय प्रयोग

नियमित रूप से जपाकुसुम तेल (Hibiscus hair oil) की सिर पर मालिश करने से सिर की गर्मी तथा दोषों का शमन होता है आंखे सतेज होती है, दिमाग को सुकून मिलता है, अनिद्रा (Insomania) दूर होती है तथा मानसिक समस्याओं में भी आराम मिलता है-

गुड़हल का क्षीरपाक-


5 गुड़हल के फूल (Hibiscus flower) या गुड़हल की कलियों को एक से डेढ़ चम्मच घी में अच्छे से पका लें फिर उसमें 400 ग्राम दूध डालकर दूध आधा बचे तब तक पकाएं पकने के बाद इसमें स्वाद अनुसार शक्कर मिलाएं ईसे ही जपाकुसुम क्षीरपाक कहते हैं-

मात्रा अनुपात- 


ऊपर बताई गई मात्रा रोग समस्या तथा रोगी की उम्र बल के अनुसार दिन में एक या दो बार-

लाभ व उपयोग-


इस क्षीरपाक सेवन से महिलाओं की प्रदर संबंधित समस्याएं दूर होती हैं, ज्यादा महावारी से आई हुई कमजोरी दूर होती है, मासिक स्त्राव के दौरान होने वाली कमर दर्द (Lumbar pain) थकान और कमजोरी जैसी समस्या भी दूर होती है-

पुरुषों में धात गिरना की समस्या पर यह क्षीरपाक उत्तम लाभदायक औषधि है ज्यादा वीर्य स्त्राव की वजह से आई हुई कमजोरी, धातु दुर्बलता, वीर्य का पतलापन तथा पुरुषों की कमजोरी (Sexual weakness) इसके सेवन से दुर होती हैं-

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