15 जून 2018

बच्चों के लिए उत्तम बुद्धिवर्धक हैं पोस्ता पाक


आजकल छोटी उम्र से ही बच्चों में पढ़ाई तथा परीक्षा का टेंशन इतना ज्यादा होता है कि बच्चों की दिमागी शक्ति (Brain Power) ना तो ठीक से खिल पाती है और ना ही अच्छे से उसके मन (Mind Power) और मस्तिष्क का विकास हो पाता है छोटी ही उम्र में पढ़ाई तथा प्रतियोगिता का इतना दबाव होता है कि आजकल छोटे बच्चे भी अक्सर स्ट्रेस तथा डिप्रेशन (Depression) के शिकार हो जाते हैं-

बच्चों के लिए उत्तम बुद्धिवर्धक हैं पोस्ता पाक

पढ़ाई के दबाव व स्ट्रेस के चलते बच्चे दिमागी तौर पर थकान महसूस करते हैं तथा चिड़चिड़े (Irritability) व जिद्दी भी हो जाते हैं पढ़ा हुआ याद न रहना, दिमागी कमजोरी रहना, कमजोर याददाश्त (Weaker memory), पढ़ाई में मन ना लगना, उदासीनता, तुतलाहट (Stammer), आत्मविश्वास की कमी, छोटी उम्र में ही चश्मा लग जाना जैसी समस्याएं छोटे बच्चों में आजकल आम हो गई और इन समस्याओं के चलते बच्चों के अभिभावक काफी परेशान रहते हैं अच्छा और पौष्टिक खाना खाने के बावजूद भी बच्चों की आकलन शक्ति (Grasping Power), निरीक्षण शक्ति, सहनशक्ति तथा याददाश्त कम होती पाई जाती है तब डॉक्टर महंगे ब्रेन टॉनिक (Brain Tonic) या हेल्थ टॉनिक लिख कर देते हैं लेकिन ऐसे बाजारु टॉनिक्स का भरपूर उपयोग करने के बाद भी इसका वांछित लाभ नहीं मिल पाता व समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है-

यह तो हुई बच्चों की बात आजकल बड़े लोग भी कई तरह के तनाव (Stress) व टेंशन से अपनी रोजाना जिंदगी में गुजरने लगे हैं बदलती जीवनशैली ने शारीरिक कष्ट को भले ही कम कर दिया हो लेकिन मानसिक कष्टों को बढ़ा ही दिया हैं जिसका परिणाम रोजमर्रा के जीवन में देखने को मिलता है जिसमें कमजोर रोगप्रतिकारक शक्ति, चिड़चिड़ाहट, झुंझलाहट (Exasperation), उदासीनता, थकान और कमजोरी, सुस्ती, आलस्य (Laziness), उत्साह की कमी, जीवन में सकारात्मकता की कमी, अनिंद्रा (Insomnia), कमजोर पाचन शक्ति जैसी कई समस्याएं है जिससे आज कल लोग जूझ रहे हैं-

जब इन समस्याओं को अनदेखा किया जाता है तब बढ़कर यह समस्याएं असाध्य बीमारी का रुप ले लेती है जिनमे बोलने सुनने को छोटे लेकिन अत्यंत कष्ट देने वाले रोग शामिल है जिसमें सिर दर्द (Headache), आंखों का दुखना, मानसिक विकार, उन्माद, रक्तचाप का बढ़ना (High blood pressure) जैसी समस्याएं आम है-

बच्चों के लिए उत्तम बुद्धिवर्धक हैं पोस्ता पाक

आज हम आपको पोस्ता पाक बनाने की विधि बताने जा रहे हैं ये पाक बनाने में बेहद सरल व स्वादिष्ट है तथा पूरे परिवार के लिए अत्यंत उपयोगी है-

बच्चों के लिए यह पाक याददाश्त (Memory) तथा बुद्धि वर्धक है बड़ों के लिए यह पाक स्ट्रेस को कम करने वाला तथा जीवन में ऊर्जा व उत्साह भरता है तथा वृद्धों के लिए दिमागी कमजोरी मिटाने वाला तथा शरीर को चुस्त रखने वाला पाक है यानी इसका सेवन परिवार का हर सदस्य कर सकता है-

सामग्री-


भुने चने- 30 ग्राम
गाय का घी- 40 ग्राम
निशास्ता- 30 ग्राम
सफेद खसखस- 30 ग्राम
मिश्री- 50 ग्राम या स्वाद अनुसार
बादाम का पाउडर- 40 ग्राम

बनाने की विधि-


भुने हुए चनों को गाय के घी में अच्छे से भून ले इसके बाद निशास्ता, सफेद खसखस, बादाम का पाउडर तथा घी में भुने हुए चनों का सब को मिलाकर गाय के दूध में धीमी आंच पर पकाएं व मिश्री डाले जब पक कर हलवा हो जाए तब उसमें ऊपर से पुनः एक दो चम्मच  गाय का घी मिलाए व उपर से अखरोट का तेल व बादाम का तेल मिलाकर अच्छे से मिक्स कर ले-

मात्रा व अनुपान-


उम्र बल तथा पाचन शक्ति के हिसाब से प्रतिदिन सुबह 25 ग्राम से 50 ग्राम तक खाए व ऊपर से गाय का दूध पिए-

लाभ तथा उपयोग-


1- कमजोर दिमाग वालों व्यक्तियों के लिए यह पाक उत्तम औषधीय है-

2- ये पाक खाने से दिमाग में खूब ताकत आती है तथा दिमागी कमजोरी (Cerebrasthenia) दूर होती है-

3- जिन्हें सिर दर्द, आधाशीशी (Migraines) की तकलीफ हो उनके लिए यह पाक बेहद हितकारी है-

4- यह पाक खाने से लीवर को बल मिलता है जिससे आखों की कमजोरी दूर होती हैं तथा शरीर में पौष्टिक तत्वों की योग्य आपूर्ति होती है-

5- यह पाक खाने से ह्रदय को भी आराम मिलता है जिस से घबराहट (Nervousness), चिड़चिड़ापन तथा बढ़ा हुआ रक्तचाप जैसी समस्याएं दूर होती है-

6- यह पाक दिमागी ताकत देने वाला होने की वजह से कमजोर याद शक्ति जैसी समस्याएं दूर होती है तथा बुद्धि बढ़ती है-

बच्चों के लिए उत्तम बुद्धिवर्धक हैं पोस्ता पाक

7- यह पाक खाने से कंपवात, पार्किंगसन (Parkinson disease) तथा मानसिक दौर्बल्य (Mental fog) जैसी वृद्धावस्था की समस्याएं भी दूर होती है-

8- यह पाक खाने से डिप्रेशन, मानसिक अवसाद, अत्यधिक क्रोध (Exasperation) जैसी भावनात्मक समस्याए भी दूर होती है-

9- यह पाक शारीरिक तथा मानसिक रोगों को कम करके शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति (Immunity) को बढ़ाने वाला स्वादिष्ट योग है जिसे साल में कम से कम 4 महीने प्रतिदिन खाना चाहिए-

नोट-


1- इस पाक का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में किया गया है जिसमें गाय के घी की बजाए बादाम के तेल में पाक बनाने को कहा गया है लेकिन आजकल महंगाई तथा शुद्ध बादाम तेल की अनुपलब्धता के चलते इस पाक को गाय के घी में ही बनाना उचित रहता है-

2- निशास्ता की जगह आप नाचनी सत्व ले भी सकते हैं-

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