नाचनी एक सर्वोत्तम पौष्टिक आहार

Ragi is a Best Nutritious Food 


भोजन के संदर्भ में अगर कहा जाए तो नाचनी (Ragi) एक सर्वोत्तम पोषक धान है हालांकि सर्व-सामान्य भोजन शैली में आज भी गेहूं, जवारी, बाजरा, चावल, मक्का जैसे धान ही ज्यादा प्रचलित है लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तथा आदिवासियों में नाचनी ही भोजन का मुख्य घटक है-

नाचनी एक सर्वोत्तम पौष्टिक आहार

आयुर्वेद के हिसाब से नाचणी (Ragi) में द्रव्य 14 प्रतिशत होने से यह गुण में शीतल है तथा इसमें वसा या फेट द्रव्य कम होने से पचने में हल्की है पौष्टिकता की दृष्टि से नाचनी अन्य किसी भी धान्य  से उत्तम मानी जा सकती है और इसीलिए ऐसा कहा जाता है कि यह गरीबों का मांसाहार है क्योंकि इसमें प्रोटीन तथा अन्य पौष्टिक तत्व दूसरे धान्यों से ज्यादा है- 

नाचणी या रागी (Ragi) पित्त शामक तथा मस्तिष्क को शांत करने वाली, याददाश्त बढ़ाने वाली तथा दाह कम करने वाली है नाचनी को सत्व रूप से दूध के साथ मिलाकर लेने से यह उत्तम ब्रेन टॉनिक का काम करती है बाजार में मिलने वाले अन्य किसी भी हेल्थ फूड सप्लीमेंट से यह उत्तम काम करती है-

आजकल बदलती जीवनशैली तथा अनुचित आहार तथा भोजन शैली में बढ़ते जंक फूड की वजह से होने वाली पाचन संबंधी तकलीफें, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, डायबिटीज, अजीर्ण, बच्चों में कुपोषण, विटामिन डेफिशियेंसी, एनीमिया जैसी समस्याओं पर नाचनी (Ragi) एक उत्तम उपचार साबित हो सकता है-

नाचनी (Ragi) पचने में हल्की होने से तथा फैट की मात्रा कम होने से यह एक उत्तम डाइट फूड भी है वही उच्च पौष्टिक तत्वों से भरपूर होने से यह उत्तम बेबी फूड भी है-

नाचनी से हम विविध प्रकार के व्यंजन बना सकते हैं जिसमें नाचनी के लड्डू, बिस्किट, पापड़, रोटी, दोसा, खिचड़ी, खीर, हलवा, उपमा, सूप जैसे व्यंजन प्रमुख है-

मधुमेह नियंत्रण, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण, वजन कम करना जैसी समस्याओं में तथा बच्चों को पौष्टिक आहार व शिशु आहार की तरह नाचणी को अगर हमारे दैनिक भोजन शैली में शामिल किया जाए तो इसके उत्तम लाभ हमें मिल सकते हैं- 

आज हम आपको नाचनी से विविध भोजन व शिशु आहार बनाने की विधि बताएंगे जिससे आप बिना औषधि खाए तथा बिना बाजारु महंगी फूड सप्लीमेंट या हेल्थ सप्लीमेंट खाए भी आप अपना स्वास्थ्य बना सकते हो तथा वजन व अन्य समस्याओं पर नियंत्रण आसानी से रख सकते हैं-

नाचनी का सूप -


नाचनी का आटा-एक कप
प्याज- एक मीडियम
गाजर- एक मीडियम 
टमाटर- एक मीडियम 
लहसुन- दो-तीन कली 
हरी मिर्च- दो पीस 
धनिया- आधा छोटी कटोरी
सहजन की फली का गूदा- छोटी आधी कटोरी

अब आप इन सारी सब्जियों को अच्छे से उबाल ले या प्रेशर कुकर ले आधा लीटर पानी में नाचनी के आटे को अच्छे से उबाल के गाढ़ा बनायें तथा इन सब चीजों को मिलाकर अच्छे से मिक्सी में फैट ले तथा जरूरत के हिसाब पानी मिलाकर एक बार फिर से उबाल ले अब इसमें  नमक या सेंधा नमक, जीरा पाउडर, काली मिर्च का पाउडर डालकर सर्व करें-

यह सूप लंबी बीमारी के बाद आई कमजोरी में बेहद कारगर है खांसी तथा जीर्ण ज्वर तथा बदन में ज्वर की वजह से रहने वाली थकान में यह सुप बेहद लाभदायक है वजन कम करने के लिए यह उत्तम विकल्प है यह सूप पचने में हल्का तथा फाइबर युक्त होने से कब्ज जैसी समस्याओं में भी लाभदायक है-

आप इस सूप में आपकी मनपसंद सब्जियां या दाल डाल सकती है तथा इसे रात्रि के भोजन के एक बेहतर विकल्प के तौर पर चुन सकती है-

शिशु आहार-


नाचनी एक सर्वोत्तम पौष्टिक आहार

आयुर्वेद में कहा गया है की माई का, दाई का या फिर गाय का ही दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ बच्चे की या शिशु की भूख भी बढ़ती है और उसकी शारीरिक विकास के लिए जरूरी पोषण की मांग भी नैसर्गिक रूप से ज्यादा होती है तब शिशु का पेट सिर्फ माता या गाय के दूध से नहीं भरता है ऐसे समय शिशु को दालों का पानी या सब्जियों का  सूप, या मांड दिया जाना चाहिए जिससे उसका पेट भरे, योग्य पोषण, मिले तथा उसके सर्वांगीण विकास में मदद मिले ऐसे में नाचणी का शिशु आहार के तौर पर उत्तम उपयोग हो सकता है नाचनी सत्व या नाचनी के आटे से हम शिशु आहार बना सकते हैं जो खाने में स्वादिष्ट व बेहद पोष्टिक होता है-

बनाने की विधि-


नाचनी सत्व- 100 ग्राम 
पोहा- 100 ग्राम 
इलायची- 10 ग्राम 
तिल- 20 ग्राम  
मूंगफली- 25 ग्राम

पोहा को अच्छे से भूनकर मिक्सर में बारीक पाउडर बना ले इसमें नाचनी सत्व मिला लें इलायची तथा तिल को भी कूटकर व मूंगफली को भूनकर व कूटकर इसमें मिला ले साथ में 100 ग्राम शक्कर भी पीसकर मिला ले अब इसे साफ़ हवा बंद डिब्बे में स्टोर कर ले और जरुरत के मुताबिक 3 से 4 चम्मच शिशु आहार पाउडर लेकर गुनगुने पानी में इसे अच्छे से पका लें आप इसमें दूध भी मिला सकते हैं यह एक उत्तम पौष्टिक व स्वादिष्ट शिशु आहार है जिसे शिशु आसानी से निकल सकते हैं व पचा सकते हैं यह बाजार में मिलने वाले रेडीमेड बेबी फूड की अपेक्षा बेहद सस्ते, पौष्टिक, और लाभदायक है-

नाचनी की खिचड़ी-


नाचनी को 5 से 6 घंटे पानी में भिगोकर रखें फिर उसे निकाल ले जितनी नाचनी हो उतने ही चावल तथा उतनी ही मूंग की छिलके वाली दाल ले इसमें आप चाहे तो दलिया भी मिला सकते हैं इन सबको मिलाकर आपके मनपसंद सब्जियां डाल कर खिचड़ी बनाएं यह खिचड़ी बहुत स्वादिष्ट बनती है तथा उदर रोगों में बेहद गुणकारी भी है

यह पित्त की वजह से लिवर का कमजोर होना, भूख ना लगना, खाने के बाद उबकाई आना, अजीर्ण, एसिडिटी जैसी समस्याओं पर उत्तम उपचार मानी जा सकती है आयुर्वेद में आहार तथा पथ्य अपथ्य को ही उत्तम उपचार माना गया है इस संदर्भ से अगर देखा जाए तो यह खिचड़ी पेट तथा आंतों के रोग व पित्त से बढ़ी हुई समस्या में उत्तम औषधि सिद्ध होती है-


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