गैस बनना-अपचन-अरुचि तथा भूख की कमी जैसी समस्याओं पर रामबाण प्रयोग


आजकल अयोग्य भोजन पद्धति के चलते हर किसी को आफरा, बदहज़मी, गैस, पेट दर्द की शिकायत रहती है खाए हुए अन्न का ठीक से पाचन ना होने की वजह से पेट मे गैस बनना, पेट फूलना, पेट दर्द जैसी समस्याए तथा कब्ज की समस्याए होने लगती है व लंबे समय तक कब्ज रहने से प्राकृतिक भूख की कमी होने लगती है जिससे स्वाद रसों को उत्पन्न होने में बाधा आती है और फिर भोजन से अरुचि होने लगती है-

गैस बनना-अपचन-अरुचि तथा भूख की कमी जैसी समस्याओं पर रामबाण प्रयोग

इन सब समस्याओं से निपटने के लिए लोग कई तरह के बाजारू चूर्ण व दवाई  खाते रहते है लेकिन उनको स्थायी लाभ नही मिल पाता है ऐसी समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए सिर्फ गैस की या पेट साफ करने की दवाइयां काम नही करती बल्कि ऐसे नुस्खे काम करते है जो गैस, अजीर्ण अरुचि हटाकर स्वाद ग्रन्थियों को सुचारू करे, पाचन शक्ति बढ़ाए, भूख बढ़ाए व साथ-साथ कब्ज को भी दूर करे व जीभ से लेकर पेट, आंते तथा मलद्वार तक सभी अवयवों की कार्यक्षमता बढ़ाए-

आज हम आपको जो प्रयोग बताने वाले है वो उपयोग करने में बेहद आसान व सुलभ है तथा उपरोक्त सभी समस्याओं पर रामबाण इलाज है इसे शास्त्रोक्त भाषा मे राजिकाम्बू, पीयूष, तुषाम्बू कहते है वही बोलचाल की भाषा मे इसे कट्टर या कांजी भी कहते है-

कांजी बनाने की विधि-


गैस बनना-अपचन-अरुचि तथा भूख की कमी जैसी समस्याओं पर रामबाण प्रयोग

पिसी हुई राई- 50 ग्राम 

सेंधा नमक- 10 ग्राम 

पानी- एक लीटर 

विधि-

राई को पीस कर पानी मे मिलाकर सेंधा नमक डालकर अच्छी तरह से मिला कर मिट्टी के बर्तन में भिगो दें व इसे तीन दिन रखे-तीन दिन में इसमे खटास उतपन्न होने लगती है इसे ही राजिकामबु कहते है-

मात्रा- 

आप इसे 100 मिलीलीटर से 200 मिलीलीटर के बीच ले सकते है इसका प्रयोग आप एक माह तक करें-

लाभ व उपयोग-

यह राजिकामबु पेट की समस्याओं के लिए बेहद गुणकारी है इसके सेवन से मंदाग्नि दूर होकर पाचनाग्नि प्रदीप्त होता है जिससे भूख लगती है व खाए हुए अन्न का ठीक से पाचन भी होता है-

राजिकाम्बू के सेवन से पेट मे वायू पैदा नहीं होती है जिन व्यक्तियों को हमेशा गैस की शिकायत बनी रहती है ऐसे व्यक्तियों के लिए मानो यह राजिकाम्बू अमृत समान है-

इसके सेवन से गैस का निष्करण होता है तथा पेट फूलना, आफरा, पेट का भारीपन, गुल्म तथा पेट दर्द जैसी समस्याओं से स्थायी मुक्ति मिलती है-

जिन व्यक्तियों को हमेशा कब्ज की शिकायत रहती हो या शौच खुलकर नही आता हो ऐसे व्यक्तियो के लिए इसका सेवन बेहद हितकर साबित हुआ है राजिकाम्बू दस्त खुलकर लाने में मदद करता है साथ ही साथ पुरानी आंव की शिकायत में भी उत्तम लाभ देता है-

प्रयोग विधि-

1- भोजन के आधे से पौने घण्टे पहले राजिकाम्बू का सेवन करने से भूख खुलकर लगती है व अरुचि मिटती है-

2- भोजन के साथ इसके सेवन से (आप चाहे तो इसे दाल या सूप बनाकर भी सेवन कर सकते है) स्वाद ग्रन्थियां सुचारू होती है तथा भोजन का स्वाद लगता है व भोजन ग्रहण करने के बाद होने वाला पेट का भारीपन मिटता है-

3- भोजन के बाद इसका सेवन करने से खाए हुए अन्न का योग्य पाचन होता है, आफ़रा, खट्टी डकारें तथा गैस बनने की शिकायतें दूर होती है-

नोट- 

यद्यपि राजिकाम्बू बेहद सरल व निराप्रद प्रयोग है फिर भी पित्त प्रकृति वाले व्यक्तियों ने तथा दस्त व ज्वर की शिकायत हो तब इसका सेवन नही करना चाहिए-


विशेष सूचना-

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