What day do Massage with which Oil-किस दिन किस तेल से मालिश करें

What day do Massage with which Oil-किस दिन किस तेल से मालिश करें


आजकल लोग आधुनिकता की दौड़ में पड़कर लोग Oil Massage (तेल मालिश) से दूर ही रहना चाहते है तथा अनेक प्रकार के केमिकल साबुन का अँधाधुध प्रयोग करते है आज का युवावर्ग तेल लगाने को हीनता की नजर से देखता है इसलिए आज परिणाम स्वरूप युवाओं में स्फूर्ति की कमी पाई जाती है साथ ही सेक्स की कमजोरी, नपुंसकता, शीघ्रपतन, Laxation of Breast (स्तन की शिथिलता) आदि व्याधियां जादा घेर रही है। पहले के लोग धूप-स्नान और Oil Massage (तेल मालिश) का ध्यान रखते थे और हमेशा स्वस्थ रहते थे। 

Oil Massage
Oil Massage Benefits
How to Massage
Body Massage Oil
Massage Oil Relaxing

किस दिन किस तेल से मालिश करें

पिछले लेख में हमने आपको यौवन को बरकरार रखने के लिए Oil Massage (तेल मसाज) के फायदे के बारे में जानकारी दी थी आज हम आपको किस दिन किस तेल से Massage (मालिश) करना लाभदायक है इसके बारे में बताने का प्रयास कर रहे है तथा ये भी बतायेगे कि मालिश करने के तुरंत बाद क्या न करे और उसके नुकसान क्या है। 

What day do Massage with which Oil-किस दिन किस तेल से मालिश करें


1- Sunday (रविवार)के दिन आपको Rose Oil (गुलाब के तेल) की मालिश करनी चाहिए विशेषतया सिर और चेहरे की मालिश करना अत्यंत आवश्यक है। 

2- Monday (सोमवार) के दिन आपको Mustard oil (सरसों के तेल) से गले, फेफड़े और छाती की मालिश अवश्य करनी चाहिए।

3- Tuesday (मंगलवार) को Betel Oil (पान के पत्ते का रस) डालकर इस तेल से पेट, आमाशयअग्नाशय की Oil Massage (तेल मालिश) करनी चाहिए।

4- Wednesday (बुधवार) के दिन Jasmine Oil (चमेली के तेल) से हाथ-पैरनर्वस-सिस्टम की तेल मालिश करनी चाहिए।

5- Thursday (गुरूवार) को Marigold Oil (गेंदा के रसयुक्त तेल) से कमरयोनि-प्रदेश की मालिश करनी चाहिए-

6- Friday (शुक्रवार) को कडवाहट लिए हुए Pure Mustard Oil (शुद्ध सरसों के तेल) से गुप्तांग (Private Parts) व जननांग की मालिश करना चाहिए। 

7- Saturday (शनिवार) को Ghee or Mustard Oil (घी या सरसों के तेल) से पैर के पिंडलियों की तेल मालिश करे। Oil Massage (तेल मालिश) की ग्रन्थों में बताई गई यही शास्त्रोक्त विधि है। 

इसे भी देखें- Oil for Body-शरीर के लिए तेल

How to Massage-मालिश करने का तरीका

What day do Massage with which Oil

मालिश की सबसे पहले शुरुवात किस अंग से और शरीर के किस हिस्से से शुरू की जानी चाहिए आपके लिए ये जानना भी बहुत महत्वपूर्ण है तेल या घी से भीगी अँगुलियों से धीरे-धीरे रगड़ते हुए वक्ष अर्थात छाती से मालिश की शुरुवात करनी चाहिए चूँकि ये हिस्सा शरीर के केन्द्रीय क्षेत्र में है और अग्नि अर्थात उर्जा इसी क्षेत्र में स्थित है अत:इस भाग की मालिश अच्छी तरह करे। 

कमर से उपर छाती की ओर तथा कमर से नीचे पाँव की ओर हाथ ले जाते हुए Oil Massage (तेल मालिश) की जानी चाहिए-शीतकाल में धूप में बैठकर अंगो की मालिश से शरीर की चमक बढ़ जाती है। 

What to do after Oil Massage-तेल मालिश के बाद क्या करें


1- Oil Massage (तेल मालिश) का स्थान खुला और हवादार होना चाहिए मालिश के तुरंत बाद आप कभी भी एसी रूम या फिर पंखे के नीचे न  जाए कम से कम एक घंटे तक अवश्य इससे बचें। 

2- तेल मालिश के तुरंत बाद स्नान नहीं करें ध्यान दें कि कम से कम एक घंटे बाद शरीर को रगड कर स्नान करे। 

3- तेल मालिस के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए लेकिन मालिश के तुरंत बाद पेशाब करने से शरीर के विकार पेशाब के साथ निकल जाते है।

4- Oil Massage (तेल मालिश) के बाद आये हुए पसीने के तुरंत बाद स्नान करने से आपके वजन में कमी आती है लेकिन जिनका शरीर बदलाव को सहने की छमता रखता है वो लोग स्नान कर सकते है।

5- यौवन को निखारना है और बुढ़ापे को दूर रखना है तो आप मसाज करके अवस्य देखे लेकिन दो चार दिन में आप जादू की अपेक्षा न करे-इस प्रयोग को एक दो माह करने से आपको खुद पता होगा कि आपके शरीर को कितना लाभ मिलने लगा है। 

6- सबसे जरुरी और अंतिम बात बात समझने की है कि मालिश के तुरंत बाद सम्भोग या हस्त-मैथुन करने से बांझपन या यौन रोगों को बुलावा देना है अत: दो से तीन घंटे इससे अवश्य बचे। 

Click Here-

Upchar और प्रयोग की सभी पोस्ट


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें