Suddenly Stretching in Nervous System-अचानक तंत्रिका तंत्र में खिंचाव होना

तंत्रिका तंत्र में खिंचाव (Stretching Nervous System)-


आधुनिक जीवन शैली में हर व्यक्ति आराम पसंद जीवन जीना चाहता है। अपने सभी काम मशीनों के द्वारा करता है। जीवन में खाओ-पीओ और मौज करो की इच्छा रखता है। जो आपके जीवन में इस प्रकार के जटिल रोगों को जन्म दे रही हैं। रात को सोते समय या अचानक ही कभी-कभी तंत्रिका तंत्र में खिंचाव (Stretch in Nervous System) हो जाता है। इसकी वजह से लगता है कि बस आपकी जान ही निकल जायेगी। कई लोगों को टांगों और पिंडलियों में मीठा दर्द सा भी महसूस होता है तथा पैरों में दर्द के साथ ही जलन, सुन्न, झनझनाहट (Sensation) या सुई चुभने जैसा एहसास होता है। 


Suddenly Stretching in Nervous System-अचानक तंत्रिका तंत्र में खिंचाव होना

तंत्रिका तंत्र में खिंचाव के उपचार (Treatment of Stretching Nervous System)- 


तंत्रिका तंत्र में खिंचाव (Stretch in Nervous System) एक बहुत साधारण सी प्रक्रिया है। लेकिन जब भी शरीर में कहीं भी नस पर नस चढ़ना जाए तो आपकी जान ही निकाल देती है और अगर रात को सोते समय पैर की नस पर नस चढ़ जाए तो व्यक्ति चकरघिन्नी की तरह घूम कर उठ बैठता है यदि आपके साथ हो जाये तो तुरंत ये उपाय करें।

नर्वस सिस्टम स्ट्रेच होने पर क्या करें (What to do when the Nervous System Stretch)-


1- अगर आपकी नस पर नस चढ़ जाती है। तो आप जिस पैर की नस चढ़ी है तो  उसी तरफ के हाथ की बीच की ऊँगली के नाखून के नीचे के भाग को दबाए और छोड़ें ऐसा जब तक करें जब तक ठीक न हो जाए। 

2- आप लंबाई में अपने शरीर को आधा-आधा दो भागों में चिन्हित करें। अब जिस भाग में नस चढ़ी है उसके विपरीत भाग के कान के निचले जोड़ पर उंगली से दबाते हुए उंगली को हल्का सा ऊपर और हल्का सा नीचे की तरफ बार-बार 10 सेकेंड तक करते रहें चढ़ी हुई नस (Vein) उतर जाएगी।

3- सोते समय पैरों के नीचे मोटा तकिया रखकर सोएं तथा जब भी आराम करें तो पैरों को ऊंचाई पर रखें। 

4- जिस अंग में सुन्नपन हो तो प्रभाव वाले स्थान पर बर्फ की ठंडी सिकाई करे। ये सिकाई 15 मिनट दिन में तीन-चार बार करे। 

5- अगर गर्म-ठंडी सिकाई तीन से पांच मिनट की करें तो इस समस्या और दर्द दोनों से जल्द ही राहत मिलेगी। 

6- आहिस्ते से ऎंठन वाली पेशियों यानी तंतुओं पर हल्का सा खिंचाव दें और आहिस्ता से मालिश करें। 

7- वेरीकोज वेन के लिए पैरों को ऊंचाई पर रखे तथा पैरों में इलास्टिक पट्टी बांधे। जिससे पैरों में खून जमा न हो पाए।

क्या परहेज करें-


1- यदि आप मधुमेह या उच्च रक्तचाप से ग्रसित हैं तो परहेज और उपचार से नियंत्रण करें। शराब, तंबाकू, सिगरेट, नशीले तत्वों का सेवन नहीं करें। 

2- सही नाप के आरामदायक, मुलायम जूते पहनें और यदि आप में अतिरिक्त वसा है तो अपना वजन घटाएं। रोज सैर पर जाएं या जॉगिंग करें। इससे टांगों की नसें मजबूत होती हैं। 

3- फाइबर युक्त भोजन करें जैसे-चपाती, ब्राउन ब्रेड, सब्जियांफल आदि और मैदापास्ता जैसे रिफाइंड और फास्ट-फूड का सेवन बिलकुल भी न करें। 

4- लेटते समय आप अपने पैरों को ऊंचा उठा कर रखें तथा पैरों के नीचे तकिया रख लें। इस स्थिति में सोना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहता है। 

भोजन में क्या लें-


आप अपने भोजन में नीबू-पानी, नारियल-पानी, फलों का विशेषकर मौसमी, अनार, सेब, पपीता केला आदि अवश्य ही शामिल करें। 

नियमित सब्जियों में आप पालक, टमाटर, सलाद, फलियाँ, आलू, गाजर, चुकंदर आदि का खूब सेवन करें। 

दो-तीन अखरोट की गिरी, दो-तीन पिस्ता, पांच-छ बादाम की गिरी, पांच-दस किशमिश का रोज़ सेवन करें। 

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