Sun-ray Charged Water Medicines Formulation Method-सूर्य की किरणें आरोपित जल औषध निर्माण विधि

सूर्य की किरणें आरोपित जल औषध निर्माण विधि (Sun-ray Charged Water Medicines Formulation Method)-


पिछले लेख में हमने आपको सूर्य किरण आरोपित जल क्या है। रोगों पर इसका क्या प्रभाव है बताया था इस लेख में हम आपको सूर्य किरण से आरोपित जल के निर्माण की विधि (Sun-ray Charged Water Medicines Formulation Method) का वर्णन करेंगें। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार सूर्य किरणों द्वारा पेड़-पौधों में दिखाई देने वाली हरियाली भी इन्हीं की देन है। विभिन्न रोगों के उपचार में सूर्य की किरणें (Sun-ray) हमारे जीवन में किस प्रकार सहायक होती हैं इसका उल्लेख भी आने वाले लेख में करेगें। 


Sun-ray Charged Water Medicines Formulation Method-सूर्य की किरणें आरोपित जल औषध निर्माण विधि

सूर्य किरण से आरोपित जल कैसे बनायें (How to make Sun-ray Charged Water)-


सूर्य किरण (Sun-ray) की सातों किरणों में से जिस रंग के किरण की औषधि बनानी हो उसी रंग की कांच की साफ़ बोतल ले लें। यदि आप वैध्य हैं और रोगी के लिए प्रयोग करना चाहते है। तो सात अलग-अलग रंगों की बोतल में भी बना कर रख सकतें हैं लेकिन यदि सात प्रकार की बोतल उपलब्ध न हो सके तो नारंगी-हरा रंग और नीला रंग ही पर्याप्त है। इन तीन रंगों की बोतल से भी सूर्य किरण से आरोपित जल (Sun-ray Charged Water) औषधि बनाई जा सकती है।

सबसे पहले आप बोतलों को अच्छी तरह से धोकर साफ़ कर लें। उसके बाद उसमे साफ़ पीने का पानी भर दें। बोतल को ऊपर से तीन अंगुल खाली रखें और ढक्कन लगाकर अच्छे से बंद कर दें। बोतलें रखते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी बोतल की छाया दूसरी बोतल पर नही पड़नी चाहिए। कहने का तात्पर्य यह है कि सभी बोतल के बीच आवश्यक दूरी हो। अब पानी से भरी इन बोतलों को सूर्योदय के समय से छ से आठ घंटे तक धूप में रख दें। 

रात्रि को बोतल को घर के अंदर रख दें। इस प्रकार सूर्य किरण से आरोपित जल (Sun-ray Charged Water) तैयार हो जाता है। इस औषधि जल को रोगी को दिन में तीन से चार बार पिलायें। एक बार तैयार किये गए सूर्य किरण से आरोपित जल औषधि को चार से छ दिन तक पी सकते हैं। सूर्य किरण से आरोपित जल औषधि समाप्त होने के पश्चात आप पुनः बना लें।

सूर्य किरण से आरोपित जल का उपयोग करने की विधि (Method of using Sun-Ray Charged Water)-


नारंगी रंग सूर्य किरण से आरोपित जल (Sun-ray Charged Water) भोजन करने के बाद पंद्रह मिनट के अंदर लेना चाहिए। यह जल दिन में तीन या चार बार एक से दो चम्मच की मात्रा में सेवन करें।

हरे या नीले रंग का सूर्य किरण से आरोपित जल खाली पेट या भोजन करने से एक घंटा पहले सेवन करना चाहिए। इसकी मात्रा दो सौ मिलीग्राम प्रातःकाल में लेना पर्याप्त है। यह सूर्य किरण से आरोपित जल रोगी के शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालता है। इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।

सूर्य किरण आरोपित जल से लाभ  (Benefits from Sun-ray Charged Water)-


लाल रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल (Red Color Sun-ray Charged Water)-


लाल रंग से सूर्य किरण आरोपित जल की बोतल का पानी अत्यंत गर्म प्रकृति का होता है। अतः इसे पीना नहीं चाहिए। इसको पीने से खूनी दस्त या उलटी हो सकती है। इसलिए इस पानी का उपयोग केवल मालिश करने के लिए ही करना चाहिए। यह ब्लड और नसों को उत्तेजित करने का काम करता है और शरीर में गर्मी बढ़ाता है। खास कर गर्मियों में इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। यह सभी प्रकार के वात और कफ रोगों में लाभ प्रदान करता है। 

नारंगी रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल (Orange Color Sun-ray Charged Water)-


नारंगी रंग से सूर्य किरण आरोपित जल की बोतल में तैयार किया गया जल रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) को बढ़ाता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह जल मानसिक शक्ति और इच्छाशक्ति को बढ़ाने वाली है। अतः यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में सूर्य या चन्द्रमा निर्बल है तो उसे इस जल का उपयोग करके अत्यंत लाभ प्राप्त हो सकता है। यह नारंगी रंग से सूर्य किरण आरोपित जल बुद्धि और साहस को भी बढ़ाता है। कफ सम्बंधित रोगों, खांसी, बुखार, निमोनिया, सांस से सम्बंधित रोग, यक्ष्मा (Tuberculosis), पेट में गैस, हृदय रोग, गठिया, एनीमिया (Anaemia), पक्षाघात (Paralysis) आदि रोगों में लाभ देता है। यह औषधि माँ के स्तनों में दूध की वृद्धि भी करता है। 

पीले रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल (Yellow Color Sun-ray Charged Water)-


पीले रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल शारीरिक एवं मानसिक स्वस्थता के लिए बहुत उपयोगी है। परन्तु इस जल को थोड़ी मात्रा में ही लेना चाहिए। यह जल पाचन तंत्र (Digestive System) को ठीक करता है। अतः पेट दर्द, कब्ज आदि समस्यायों के निदान के लिए इस जल का सेवन लाभकारी है। परन्तु पेचिश होने पर इस जल को बिलकुल भी न लें। इसके अतिरिक्त हृदय, लीवर और फेफड़ों (Lungs) के रोगों में इस जल को पीने से बहुत लाभ मिलता है। 

हरे रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल (Green Color Sun-ray Charged Water)-


हरे रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल शारीरिक स्वस्थता और मानसिक प्रसन्नता देने वाली है। मांसपेशियों (Muscles) को उत्सर्जित (Regenerate) करती है। ये मस्तिष्क (Mind) और तंत्रिका तंत्र (Nervous system) को स्वस्थ रखती है। इस जल को वात रोगों, आंत्र ज्वर (Typhoid), मलेरिया, बुखार, जिगर (Liver) और किडनी में सूजन, त्वचा सम्बंधित रोगों, फोड़ा-फुन्सी, दाद, आँखों के रोग, डायबिटीज, सूखी खांसी, जुकाम, बवासीर, कैंसर, सिरदर्द, ब्लड प्रेशर, आदि में सेवन करना लाभप्रद है। 

नीला आसमानी रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल (Sky Blue Color Sun-ray Charged Water)-


नीला आसमानी रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल की प्रकृति शीतल है। ये पित्त सम्बंधित रोगों में लाभप्रद है। यह प्यास को शांत करता है एवं बहुत अच्छा एंटीसेप्टिक (Antiseptic) भी है। सभी प्रकार के बुखारों में सर्वोत्तम लाभकारी है।  कफ प्रकृति वाले रोगियों को इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। यह बुखार, खांसी, दस्त, पेचिश, दमा, सिरदर्द, मूत्राशय सम्बन्धी रोग, पथरी, त्वचा रोग, नासूर, फोड़े-फुन्सी आदि रोगों में अत्यंत लाभ प्रदान करता है। 

नीले रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल (Blue Color Sun-ray Charged Water)-


नीले रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल भी शीतल श्रेणी में आती है। इस औषधि को लेने में कुछ कब्ज की शिकायत हो सकती है। परन्तु यह शीतलता और मानसिक शान्ति प्रदान करता है। शरीर पर इस जल का प्रभाव बहुत जल्दी होता है। यह आंत (Intestine), ल्यूकोरिया (Leucoria), योनिरोग आदि रोगों में विशेष लाभप्रद है। ये जल आपके शरीर में गर्मी के सभी रोगों को समाप्त करता है। 

बैंगनी रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल (Violet Color Sun-ray Charged Water)-


बैंगनी रंग की सूर्य किरण से आरोपित जल के गुण बहुतायत में नीले रंग के जल से मिलते जुलते हैं। इसके सेवन से ब्लड में लाल रक्त कणिकाएँ (RBC Count) बढ़ जाती है। यही खून की कमी को दूर कर कमजोरी (Anaemia) रोग को ठीक करता है। ये यक्ष्मा (Tuberculosis) जैसे रोग को भी ठीक करता है। इस जल की एक विशेष बात ये है कि इसे पीने से नींद अच्छी आती है। 

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