Information Before Postpartum Massage-प्रसवोत्तर मालिश से पहले की जानकारी

घर पर प्रसवोत्तर मालिश (Postpartum Massage at Home)-


प्रसवोत्तर मालिश (Postpartum Massage) में निपुण बहुत सी मालिश करने वाली सामान्यत: घर पर आकर ही मालिश करती हैं। लेकिन यदि आप चाहे तो अपने मौहल्ले या कॉलोनी या फिर नजदीकी ब्यूटी पार्लर से अच्छी मालिश वाली के बारे में भी पता कर सकती हैं। जिससे आप शिशु के पास रहकर ही घर पर आराम से मालिश के फायदे उठा सकती हैं। 


Information Before Postpartum Massage-प्रसवोत्तर मालिश से पहले की जानकारी

प्रसवोत्तर मालिश से पहले की जानकारी (Information Before Postpartum Massage)-


प्रसवोत्तर मालिश (Postpartum Massage) में निपुण मालिश वाली को आप पूरे 40 दिन के पैकेज के लिए या फिर प्रतिदिन के हिसाब से कीमत के बारे मोल-भाव भी कर सकती हैं। लेकिन उसके बारे में दूसरे लोगों से पता अवश्य ही कर लें। साथ ही उससे वैध पहचान पत्र भी अवश्य ले लें। 

जब आपको मालिश करवानी हो तो अपने पति-माँ-सास या परिवार के किसी अन्य विश्वसनीय सदस्य से शिशु की देखभाल के लिए मदद अवस्य लें लें। किसी घर के सदस्य के न उपस्थिति होने पर हो सके तो मालिश तब करवाएं जब आपका शिशु सो रहा हो। 

इससे प्रसवोत्तर मालिश (Postpartum Massage) का लाभ आपको चिंतामुक्त होकर मालिश कराने में ही मिलेगा। इसलिए मालिश करवाते समय आप किसी भी बारे में चिंता नहीं करें। 

शिशु को दूध पिलाने और उसकी नैपी और कपड़े बदलने के तुरंत बाद ही मालिश करवाना शुरु करें। उस समय आपका शिशु एक या दो घंटे तक आपसे कुछ नहीं चाहेगा और आप को किसी प्रकार की कोई टेंसन भी नहीं होगी। 

प्रसवोत्तर स्वयं देखभाल योजना (Postpartum Self-Care Plan)-


प्रसवोत्तर मालिश (Postpartum Massage) आपको प्रसवोपरांत 14 सप्ताह के अंदर ही शरीर की टिशू मालिश शुरु करने का सही समय होता है। लेकिन अगर आपका सीजेरियन हुआ है तो फिर मालिश शुरु करवाने से पहले आप घाव को भर जाने दें। इसमें करीब एक या दो सप्ताह का समय लगेगा। आपका शरीर मालिश के लिए तैयार है या नहीं तो इस बारे में पहले अपनी डॉक्टर से सलाह अवश्य ले लें। 

मालिशवाली को अपने घाव और पेट पर मालिश न करने के निर्देश पहले ही दे दें। क्युकि प्रसव के बाद इतनी जल्दी उस क्षेत्र पर दबाव डालने से आपको समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए तब तक पैरों-सिर और पीठ की मालिश तक ही सीमित रहना सुरक्षित रहता है। 

घाव की मालिश आपके ऊत्तकों को आपस में चिपकने से बचा सकती है। क्युकि आप्रेशन के बाद ऊत्तकों का आपस में चिपकना काफी आवश्यक है। इसलिए आप घाव को अवश्य बचाये। 

प्रसवोत्तर मालिश (Postpartum Massage) करवाना नुकसानदेह भी हो सकता है। यदि आपको त्वचा की समस्याएं जैसे कि चकत्तेछालेफोड़े या छाजन (एग्जिमा) है या फिर आपके साथ कोई चिकित्सकीय जटिलता है अथवा आपका रक्तचाप उच्च रहता है या फिर आपको हर्निया है। ऐसे में हल्की मालिश ज्यादा उपयुक्त रहेगी अथवा आप अपने चिकित्सक की राय अवश्य ही लें लें।

अगली पोस्ट में हम आपको प्रसवोत्तर मालिश से होने वाले लाभ से अवगत करायेगें ...

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