Hibiscus Flower Benefits for Health-स्वास्थ्य के लिए गुडहल के फूल के फायदे

गुडहल फूल के लाभ (Benefits of Hibiscus Flower)-


गुडहल का पौधा सामान्यत: सर्वत्र मिल जाता है। लेकिन जब तक आप इसके उपयोग की जानकारी से अनजान है तब तक ये एक फूल का पौधा समझ कर ही लोग इसका उपयोग करते है। गुडहल का वनस्पतिक नाम हीबीस्कूस् रोज़ा साइनेन्सिस है। गुड़हल का फूल दिखने में जितना सुंदर होता है ये उतना ही फायदों से भरपूर भी होता है। आयुर्वेद के अनुसार इसके गुडहल (Hibiscus) फूल बहुत उपयोगी होते है। आयुर्वेद के अनुसार सफेद गुड़हल की जड़ों को पीस कर कई दवाएँ बनाई जाती हैं।

Benefits of Hibiscus Flower
Hibiscus for Cholesterol Problem
Hibiscus for Memory Power
Hibiscus for Hair Loss Problem
Hibiscus for Diabetes Problems


Hibiscus Flower Benefits for Health-स्वास्थ्य के लिए गुडहल के फूल के फायदे

गुड़हल सामान्यत: दो प्रकार के है सफ़ेद गुडहल की जड़ो को पीस कर कई दवाओं का निर्माण होता है तथा कई प्रकार के ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने में भी उपयोग किया जाता है। ब्यूटी ट्रीटमेंट में गुड़हल के फूल का बहुत उपयोग किया जाता है।

स्ट्रेस और पॉल्यूशन के कारण कम उम्र में बालों के झड़ने की समस्या से परेशान हों या मुहांसे और पिंपल्स की समस्या से गुडहल दोनों में ही कारगर है। आइये इस लेख के माध्यम से हम समझने का प्रयास करते हैं कि किस तरह से गुडहल (Hibiscus) का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए किया जा सकता है।

कोलेस्टेरॉल की समस्या के लिए गुडहल (Hibiscus for Cholesterol Problem)-


गुडहल की पत्ती से बनी चाय एलडीएल कोलेस्टेरॉल (Cholesterol) को कम करने में काफी प्रभावी है। इसमें पाए जाने वाले तत्व अर्टरी में प्लैक को जमने से रोकते हैं। जिससे कोलेस्टेरॉल का स्तर कम होता है। गुड़हल के फूलों में एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता है। जो कोलेस्ट्रॉल कम करने के साथ ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है। इसके लिए इसके फूलों को गरम पानी में उबालकर पीना फायदेमंद होता है। इसका उपयोग आप गुड़हल के अर्क के रूप में भी कर सकते है। गुडहल का अर्क बनाने के लिए इसके फूलों का उपयोग किया जाता है। गुडहल (Hibiscus) के फूल का अर्क दिल के लिए भी उतना ही फायदेमंद है जितना रेड वाइन और चाय है।

मेमोरी पावर के लिए गुडहल (Hibiscus for Memory Power)-


Hibiscus for Memory Power

गुड़हल का शर्बत दिल और दिमाग को शक्ति प्रदान करता है तथा ये आपकी मेमोरी पावर (Memory Power) को बढ़ाता है। जो लोग बढ़ते उम्र के साथ मेमोरी लॉस होने की समस्या से परेशान है या फिर जब कम उम्र में याददाश्त कमजोर होने लगे तो गुडहल (Hibiscus) इस समस्या को दूर करने में भी बहुत ही कारगर है। गुड़हल की 10 पत्तियां और 10 फूल लें फिर इन्हें सुखाकर और पीसकर उसका पाउडर बना लें और किसी एयर टाइट डिब्बे में बंद करके रखें। अब आप इसे दिन में दो बार दूध के साथ इस पाउडर एक चम्मच लेने से आपकी मेमोरी पावर में काफी इजाफा होता है। 

एनीमिया की समस्या के लिए गुडहल (Hibiscus for Anemia Problems)-


महिलाओं को अक्सर आयरन की कमी से एनीमिया (Anemia) की समस्या हो जाती है। लेकिन बहुत ही कम लोग इस बात को जानते होंगे कि गुड़हल के फूल से भी एनीमिया का इलाज संभव है। आप 40-50 गुड़हल की कलियों को सुखा कर फिर अच्छे से पीसकर उन्हें किसी एयर टाइट डिब्बे में बंद कर दें। अब आप रोजाना सुबह-शाम एक कप दूध के साथ यह पाउडर एक चम्मच लें। आप आश्चर्य करेगें कि सिर्फ एक महीने में ही एनीमिया की समस्या दूर हो जाएगी। इससे पौरुष शक्ति यानि स्टेमिना (Stamina) भी बढ़ता है।

बालों के झड़ने की समस्या के लिए गुडहल (Hibiscus for Hair Loss Problem)-


बालों के झड़ने (Hair Loss) की समस्या से लगभग हर कोई परेशान है। गुड़हल के फूल इस समस्या को दूर करने में बहुत ही कारगर हैं। ये न सिर्फ बालों का झड़ना रोकते हैं बल्कि इसके इस्तेमाल से एक अलग ही शाइनिंग बालों में नजर आने लगती है। गुड़हल (Gudhal) की 6-8 पत्तियों को लेकर अच्छे से पीस लें फिर इसे सिर और स्केल्प में अच्छे से लगाएं। इसे तीन घंटे रखने के बाद गुनगुने पानी से धो लें। ये स्केल्प को पोषण देने के साथ ही बालों की ग्रोथ में भी बहुत ही फायदेमंद होता है।

मैथीदाना+गुड़हल और बेर की पत्तियां पीसकर पेस्ट बना लें। आप इसे 15 मिनट तक बालों में लगाएं। इससे आपके बालों की जड़ें मजबूत और स्वस्थ होंगे।

त्वचा की समस्या के लिए गुडहल (Hibiscus for Skin Problems)-


गुड़हल (Gudhal) का फूल सूजन के साथ ही खुजली और जलन (Itching and irritation) जैसी समस्याओं से भी आपको राहत दिलाता है। गुड़हल के फूल की पत्तियों को मिक्सी में अच्छे से पीस लें तथा सूजन और जलन वाले हिस्से पर लगाएं। कुछ ही मिनटों में समस्या दूर हो जाएगी।

पिंपल्स और मुहांसों (Pimples and acne) की समस्या से परेशान हैं तो गुड़हल की पत्तियों को पानी के साथ उबालकर अच्छे से पीस लें और इसमें शहद मिलाकर पिंपल्स पर लगाएं। कुछ दिनों के प्रयोग से आपको लाभ मिलेगा। 

किडनी की समस्या के लिए गुडहल (Hibiscus for Kidney Problem)-


डायटिंग करने वाले या गुर्दे की समस्याओं से पीडित व्यक्ति अक्सर गुड़हल (Hibiscus) को बर्फ के साथ पर बिना चीनी मिलाए पीते हैं तो उनको अधिक लाभ मिलता है। क्योंकि इसमें प्राकृतिक मूत्रवर्धक गुण होते हैं। अगर आपको किडनी की समस्या है तो आप गुडहल (Gudhal) की पत्ती से बनी चाय का सेवन करे। इसी चाय का लाभ डिप्रेसन (Depression) के लिए भी होता है।

डायबिटीज की समस्या के लिए गुडहल (Hibiscus for Diabetes Problems)-


डायबिटीज (Diabetes) के लिए नियमित आप इसकी 20 से 25 पत्तियों का सेवन शुरू कर दे। ये आपकी डाइबिटीज का शर्तिया इलाज है। गुडहल का पौधा नर्सरी से आसानी से मिल जाता है और इसे आप घर में भी लगा सकते है।

बुखार और ल्यूकोरिया के लिए गुडहल (Hibiscus for Fever and Leucorrhoea)-


गुडहल का शर्बत बुखार व प्रदर (Fever and Leucorrhoea) में भी लाभकारी होता है। यह शर्बत बनाने के लिए गुड़हल के सौ फूल लेकर कांच के पात्र में डालकर इसमें 20 नीबू का रस डालें व ढक दें। रात भर बंद रखने के बाद सुबह इसे हाथ से मसलकर कपड़े से इस रस को छान लें। इसमें 80 ग्राम मिश्री+20 ग्राम गुले गाजबान का अर्क+20 ग्राम अनार का रस+ 20 ग्राम संतरे का रस मिलाकर इसे मंद आंच पर पका लें। इसका सेवन दो चम्मच सुबह-शाम करना है।

सर्दी और खांसी के लिए गुडहल (Hibiscus for Cold and Cough)-


गुडहल (Hibiscus) में अधिक मात्रा में विटामिन सी होता है। जब चाय या अन्य रूपों में इसका सेवन किया जाता है तो यह सर्दी और खांसी के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे आपको सर्दी से जल्द राहत मिलेगी। 

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