What are Benefits of Asafetida in Ayurveda-आयुर्वेद में हींग के क्या फायदे हैं

हींग क्या है (What is Asafoetida)-


हींग को हम रोज खाने का जायका बढ़ाने के लिए सब्जियों में डालते हैं। इससे खाना तो टेस्टी बनता ही है साथ ही ये पेट के लिए भी अच्छा रहता है। हींग (Asafoetida) का प्रयोग हम मुख्य तौर पर खाने में मसाले के रूप में ही करते है। हींग को खाने के स्वाद को बढाने के साथ साथ कई तरह के घरेलू नुस्खों में भी प्रयोग किया जाता है। हींग को दाल और रायते में छौंक लगाने में भी प्रयोग किया जाता है। 

What is Asafoetida
Asafoetida Powder Benefits
Asafoetida Benefits in Ayurveda

What are Benefits of Asafetida in Ayurveda-आयुर्वेद में हींग के क्या फायदे हैं

हींग (Asafoetida) भारत में यह कश्मीर और पंजाब के कुछ हिस्सों में पैदा होता है। हींग के भूमिगत प्रकन्दों व ऊपरी जडों से रिसनेवाले शुष्क वानस्पतिक दूध को हींग के रूप में प्रयोग किया जाता है। हींग कोई फल या फूल नहीं होता है। यह सिर्फ एक पेड़ के तने से निकली हुई गोंद होती है। इसका पेड़ पांच से नो फीट उंचा होता है। इसके पत्ते एक से दो फीट लम्बे होते हैं। 

What are Benefits of Asafetida in Ayurveda-आयुर्वेद में हींग के क्या फायदे हैं

हींग दो प्रकार की होती हैं दुधिया सफेद हींग और दूसरी लाल हींग। हींग (Asafoetida) का तीखा व कटु स्वाद है और उसमें सल्फर की मौजूदगी के कारण एक अरुचिकर तीक्ष्ण गन्ध निकलती है।

असली हींग की पहचान (Real Identification of Asafoetida)-


हीग सावधानी से खरीदनी चाहिए। बाजार में खुले में बिकने वाली हींग (Asafoetida) नकली भी हो सकती है। असली हींग की पहचान करने के तरीके से असली हींग और नकली हींग में फर्क मालूम चलता है। हींग में मिलावट हो तो उसका भी पता लगाया जा सकता है। आइये जानते हैं कि आप असली हींग की पहचान कैसे कर सकते हैं। 

1- असली हीग की पहचान करने के लिए हींग (Asafoetidaको पानी में घोलना चाहिए। पानी का रंग दूध जैसा सफ़ेद हो जाये तो हीग को असली समझना चाहिए।

2- माचिस की जलती हुई एक तीली हींग (Asafoetida) के पास लाने से चमकदार लौ निकलती है तथा यह पूरी तरह जल जाती है। जबकि नकली हीग के साथ ऐसा नहीं होता है।

3- नकली हींग में गंध के लिए आजकल लोग एसेंस मिला देते है। कुछ समय के बाद यदि हींग की गंध जल्दी ही ख़त्म हो जाती है तो हींग नकली होती है।

हींग पाउडर के फायदे (Asafoetida Powder Benefits)-


आज हम हींग (Asafoetida) से होने वाले फायदों के बारे में बात करेंगें। क्योकि हींग में बहुत से लाभदायक गुण पाये जाते है। आइये जानते है कि हींग पावडर के क्या लाभ हैं...

What are Benefits of Asafetida in Ayurveda

1- अपने रोज के खाने में दाल, कढ़ी और सब्जियों में हींग (Asafoetida) का प्रयोग करने से खाने को पचने में सहायता मिलती है।

2- हींग की मदद से शरीर में ज्यादा इन्सुलिन बनता है और ब्लड शुगर का स्तर नीचे गिरता है। ब्लड शुगर के स्तर को घटाने के लिए हींग में पका कड़वा कद्दू खाना चाहिए।

3- हींग में कोउमारिन होता है जो खून को पतला करने में मदद करता है और इसे जमने से रोकता है। हींग बढ़े हुए ट्राइग्लीसेराइड और कोलेस्ट्रोल को कम करता है और उच्च रक्तचाप को भी घटाता है।

4- हींग में वह शक्ति होती है जो कर्क (कैंसर) रोग को बढ़ावा देने वाले सेल को पनपने से रोकता है। जोडों के दर्द में इसका नियमित सेवन बहुत ही लाभदायक रहता है।

5- हींग (Asafoetida) के चूर्ण में थोडा सा नमक मिलाकर पानी के साथ लेने से लो ब्लड प्रेशर में आराम मिलता है

6- हींग अपच, पेट दर्द, जी मिचलाना, दांत दर्द, जुकाम, खांसी, सर्दी के कारण सिरदर्द, बिच्छू, बर्र आदि के जहरीले प्रभाव और जलन को कम करने में काम आती है।

7- यदि कभी आपको अचानक से पेट दर्द होने लगे तब थोड़ी सी हींग को पानी में घोलकर हल्का सा गर्म करके नाभि तथा इसके आसपास लेप लगायें। ऐसा करने से पेट दर्द में तुरंत ही आराम मिल जायेगा। नाभि के आसपास गोलाई में इस पानी का लेप करने से पेट दर्द, पेट फूलना व पेट का भारीपन दूर हो जाता है।

8- पीलिया होने पर हींग को गूलर के सूखे फलों के साथ खाना चाहिए। पीलिया होने पर हींग को पानी में घिसकर आंखों पर लगाने से भी फायदा होता है।

9- बच्चों के पेट में कीडे होने पर जरा सी हींग एक चम्मच पानी में घोलकर रूई के फाहे को उसमें डुबोकर बच्चे के पॉटी होल में रख दें। इसके बाद जब बच्चा पॉटी करेगा तो सारे कीड़े मर कर पॉटी के साथ निकल जाएंगे। यदि बड़ो के पेट में भी कीड़े हो जाए तो ये उपाय वो भी अपना सकते हैं।

10- यदि आपके शरीर के किसी जगह पर कांटा चुभ गया हो तो उस जगह पर हींग का घोल लगा दें ऐसा करने से काँटा चुभने का दर्द भी कम होगा और कांटा अपने आप ही निकल जायेगा

11- अगर किसी खुले जख्म पर कीडे पड़ गए हों तो उस जगह पर हींग का चूर्ण लगाने से कीड़े समाप्त हो जाते हैं

12- अफीम का नशा उतारने के लिए थोडी सी हींग को पानी में घोलकर पिला दें इससे नशा जल्दी उतर जाता है।

आयुर्वेद में हींग के फायदे (Asafoetida Benefits in Ayurveda)-


हींग पारंपरिक दवा में एक प्रमुख स्थान भी रखता है। इसके एंटी-वायरल, एंटी-बायोटिक, एंटी-ऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, शामक, मूत्रवर्धक और एंटी-कार्सिनोजेनिक गुणों से जाना जाता है।

1- पेट में दर्द व ऐंठन होने पर अजवाइन और काले नमक के साथ हींग का सेवन करने से दर्द में काफी फायदा मिल जाता है।

2- माइग्रेन और सिरदर्द में आधा कप पानी में हींग मिलाकर पीने से आराम मिलता है।

3- दाद, खाज, खुजली जैसे त्वचा संबंधी रोगों के लिए हींग बहुत फायदेमंद होती है। चर्म रोग होने पर हींग को पानी में घिसकर प्रभावित स्थानों पर लगाने से फायदा होता है

4- यदि नासूर हो गया है और घाव सडने लगता है तो हींग को नीम के पत्तों के साथ पीसकर घाव पर लगाने से कुछ ही दिनों में आराम आ जाता है।

5- जुकाम होने पर बहुत से लोगो की नाक बंद हो जाती है जिससे साँस लेने में काफी तकलीफ हो जाती है। हींग सूंघने से जुकाम से बंद हुई नाक खुल जाती है। थोडी सी हींग पीसकर पानी में घोल लें और शीशी में भर लें। इसे सूंघने से सर्दी-जुकाम, सिर का भारीपन व दर्द में आराम मिलत है। पीठ, गले और सीने पर पानी का लेप करने से खांसी, कफ, निमोनिया और श्वास कष्ट में आराम मिलता है। हींग सूंघने से जुकाम से बंद हुई नाक खुल जाती है।

6- जुकाम की शुरुआत में अगर आपको कफ बने तो इसका सेवन संक्रमण को तुरंत खत्म कर देता है। इसके लिए आधा चम्मच हींग के पाउडर में औधा चम्मच सोंठ (सूखा अदरक) का पाउडर मिलाएं और इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर इसका दिन में थोड़ी-छोड़ी देर पर सेवन करें।

7- अगर कफ जकड़ गया है या फिर सूखी खांसी हो रही है। इसके लिए आधा चम्मच अदरक के रस में आधा चम्मच हींग और एक चम्मच शहद मिलाएं। फिर दिन में तीन इसका सेवन करें। इससे गले की खराश में भी आराम ‌मिलेगा।

8- दांत दर्द की समस्या होने पर हींग में थोड़ा सा कपूर मिलाकर दर्द वाली जगह पर लगाने से दांत में दर्द होना बंद हो जाता है।

9- कान में दर्द होने पर तिल के तेल में हींग को पकाकर उस तेल की बूंदों को कान में डालने से कान का दर्द समाप्त हो जाता है।

10- भुनी हुई हींग को रूई के फाहे में लपेटकर दाढ़ पर रखने से राहत मिलती है। दांत में कीडा लगने पर भी इससे आराम मिलता है। हींग का धुआं सूंघने से हिचकियां बंद हो जाती हैं

11- एसिडिटी की समस्या होने पर थोड़ी सी हींग को गुड़ में मिलाकर गरम पानी के साथ खा लें इससे गैस से होने वाले दर्द में आराम मिल जायेगा।

12- पसलियों में दर्द होने पर हींग रामबाण की तरह से काम करता है। ऎसे में हींग को गरम पानी में घोलकर लेप लगाएं। सूखने पर प्रक्रिया दोहराएं। आराम मिलेगा।

13- सीने में अगर कफ जकड़ जाए तो हींग के तेल की दो बूंदे गर्म पानी‌ में डालकर भाप लेने से आराम मिलेगा। हींग के तेल से सीने, गर्दन और कमर पर मालिश करने से भी ठंड से शरीर की जकड़न या दर्द में राहत होगी।

14- प्रसव के उपरांत हींग का सेवन करने से गर्भाशय की शुद्धि होती है और उस महिला को पेट संबंधी कोई परेशानी नहीं होती है।

15- छाछ में या भोजन के साथ हींग का सेवन करने से अजीर्ण वायु, हैजा, पेट दर्द, आफरा में आराम मिलता है।उल्टी आने पर हींग को पानी में पीसकर पेट पर लगाने से फायदा होता है। 

16- रोज सुबह दोपहर और शाम लगभग 240 मिलीग्राम हींग को तीन-चार मुनकों में भरकर खिलाने से एक सप्ताह के अंदर ही निमोनिया ठीक हो सकता है

हींग के साइड इफेक्ट (Side effect of Asafoetida)-


इसका ज्यादा इस्तेमाल करने से आपके होठ सूज सकते हैं तथा अधिक प्रयोग से गैस की भी समस्या उत्पन हो सकती है तथा त्वचा लाल पड़ने लगती है और अधिक मात्रा में इसे ज्यादा खाने से सिरदर्द और चक्कर आने लगता है कुछ लोगों में उच्च या निम्न रक्तचाप की समस्या आने लगती है।

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