क्या आप सेमल जानते है-

10:30 am Leave a Comment


सेमल को सामन्यतया काटन ट्री भी कहते है सेमल की रुई तकियों में भरी जाती है -इसकी रुई के तकिये से अच्छी नींद आने में मदद मिलती है -इसका पेड़ उष्ण-कटिबंधीय सीधा उर्ध्वाधर तना होता है -इसके लाल पुष्प की पांच पंखुडियां होती है -ये बसंत ऋतू से पहले ही आ जाती है -


इसका फल एक केप्सूल जेसा होता है -ये पकने पर श्वेत रंग के रेशे कुछ कपास की तरह के निकलते है इसके तने पर एक इंच तक मजबूत कांटे भरे रहते है -इसकी लकड़ी इमारत के काम की नहीं होती है -


प्रयोग:-
=====


चेहरे पर फोड़े फुंसी हों तो इसकी छाल या काँटों को घिसकर लगा लो . 

इसके फूल के डोडों की सब्जी खाने से आंव (colitis) की बीमारी ठीक होती है .  

अगर शरीर में कमजोरी है तो इसके डोडों का पावडर एक-एक चम्मच घी के साथ सवेरे शाम लें और साथ में दूध पीयें . 

अगर माताओं को दूध कम आता हो तो इसकी जड़ की छाल का पावडर लें . 

स्तन में शिथिलता हो तो  इसके काँटो पर बनने वाली गांठों को घिसकर लगायें . 

गर्मी की परेशानी हो , या प्रदर की शिकायत हो तो इसकी छाल को कूटकर शहद के साथ लें . 

जलने पर इसकी छाल को घिसकर लगाया जा सकता है . 

सेमल का गोंद रात को भिगोकर सवेरे मिश्री मिलाकर खाने से शरीर की गर्मी दूर होती है और ताकत आती है . 

अगर खांसी हो तो सेमल की जड़ का पावडर काली मिर्च और सौंठ मिलाकर लें .

सेमल के विशाल वृक्ष के नीचे जब ढेर से रुई से भरे हुए फल गिरते हैं ; तो उन्हें इकट्ठा कर मुलायम सी रुई निकलना बड़ा अच्छा लगता है-

उपचार और प्रयोग-http://www.upcharaurprayog.com

0 comments :

एक टिप्पणी भेजें

-->