Blood Pressure-ब्लडप्रेशर प्राकर्तिक रूप से कैसे कम करें

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आज कल लोगों को कम उम्र में ही तनाव के चलते उच्‍च रक्‍तचाप यानी की हाई ब्‍लड प्रेशर(High blood pressure)की बीमारी होने लग गई है जहाँ रोगी के रक्त का दबाव 140/80 से अधिक हो जाता है वहीं रोगी का सिर चकराने लगता है आँखों के आगे अंधेरा छाने लगता है और रोगी घबराहट महसूस करता है-जब किसी के शरीर में रक्त-प्रवाह सामान्य से कम हो जाता है तो उसे निम्न रक्तचाप(Low blood pressure)कहते है नार्मल ब्लड प्रेशर 120/80 होता है थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे होने से कोई फर्क नही पड़ता लेकिन यदि ऊपर 90 से कम हो जाए तो फिर उसे लो ब्लड प्रेशर यानि निम्न-रक्तचाप (Low-blood pressure)कहते हैं-

Blood Pressure-ब्लडप्रेशर प्राकर्तिक रूप से कैसे कम करें


ऐसे मरीज के हाथ-पैर ठंडे रहते हैं तथा हार्ट में मिस्ड बीट्स महसूस की जाती है इस तरह के मरीजों के चेकअप में ब्लड प्रेशर में काफी अंतर होता हैं अगर मरीज लेटा हो, बैठा हो और बाद में खड़ा हो तो उसके ब्लड प्रेशर(Blood pressure)में काफी बदलाव आ जाता है-

ब्लड प्रेशर(Blood pressure)बचाव के तरीके-

इससे बचाव के लिये कुछ प्रभावी तरीके भी हैं जिन्‍हें आजमाने से आप इस बीमारी से सदा के लिये छुटकारा पा सकते हैं जो लोग व्‍यायाम(Exercise)नहीं करते हैं उन्‍हें हाई ब्लड प्रेशर(High blood pressure)की बीमारी जल्‍दी होती है मोटे लोगों के दिल पर ज्‍यादा प्रेशर पड़ता है और हार्ट ब्‍लॉकेज(heart blockage)ज्‍यादा प्रतिशत में होता है-

उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण होता है रक्त का गाढा होना है जिससे रक्त गाढा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाता है और इस कारण से धमनियों और शिराओं में दवाब बढ जाता है-

लहसुन(Garlic)ब्लड प्रेशर ठीक करने में बहुत मददगार घरेलू उपाय है यह रक्त का थक्का नहीं जमने देती है तथा धमनी की कठोरता में लाभदायक है रक्त में ज्यादा Cholesterol(कोलेस्ट्ररोल)होने की स्थिति का समाधान करती है इसलिए लहसुन का जादा सेवन भी सहायक होता है-

1- पांच तुलसी के पत्ते(Basil leaves)तथा दो नीम की पत्तियों को पीसकर 20 ग्राम पानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं आपको 15 दिन में लाभ नजर आने लगेगा-हाई ब्लडप्रेशर(High blood pressure)के मरीजों के लिए पपीता भी बहुत लाभ करता है इसे प्रतिदिन खाली पेट चबा-चबाकर खाएं-

2- तरबूज के बीज की गिरी तथा खसखस अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें और एक चम्मच मात्रा में प्रतिदिन खाली पेट पानी के साथ लें-

3- जब ब्लड प्रेशर जादा बढा हुआ हो तो आधा गिलास मामूली गर्म पानी(hot water)में काली मिर्च(Black pepper)पाउडर एक चम्मच घोलकर 2-2 घंटे के फ़ासले से पीते रहें ये ब्लड प्रेशर सही करने का बढिया उपचार है या फिर बढे हुए ब्लड प्रेशर को जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़कर 2-2 घंटे के अंतर से पीते रहें-

4- आप ब्राउन चावल(brown rice)उपयोग में लाए-इसमें नमक(salt)कोलेस्टरोल(cholesterol)और चर्बी(fat) नाम मात्र की होती है-यह उच्च रक्त चाप रोगी के लिये बहुत ही लाभदायक भोजन है-नमक ब्लड प्रेशर बढाने वाला प्रमुख कारक है इसलिए यह बात सबसे महत्‍वपूर्ण है कि हाई बी पी वालों को नमक का प्रयोग कम कर देना चाहिए-

5- प्याज और लहसुन की तरह अदरक(ginger)भी रक्त-संचार में काफी फायदे मंद होता है-जादा कोलेस्ट्रोल धमनियों की दीवारों पर प्लेक यानी कि कैल्‍शियम युक्त मैल पैदा करता है जिससे रक्त के प्रवाह में रुकावट होता जाता है और नतीजा उच्च रक्तचाप(high blood pressure)के रूप में सामने आता है अदरक में बहुत हीं ताकतवर एंटीओक्सीडेट्स (antiokseedets)होते हैं जो कि खराब  कोलेस्ट्रोल को नीचे लाने में काफी असरदार होते हैं-अदरक से आपके रक्तसंचार(blood circulation)में भी सुधार होता है-धमनियों के आसपास की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है जिससे कि उच्च रक्तचाप नीचे आ जाता है-

6- सुबह शाम रोजाना नंगे पैर हरी घास पर दस पंद्रह मिनट चलें इस प्रकार प्रतिदिन चलने से भी  ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है-

7- जीरा-शक्कर-सौंफ(cumin-sugar-anise)इन तीनो को एक समान मात्रा में पावडर बना कर एक कांच के बर्तन में रख ले-इसे रोज सुबह-शाम खाने से पहले एक गिलास सादे पानी में एक चम्मच पावडर को घोलकर पिए कुछ दिन में ही आपका ब्लड-प्रेशर(Blood Pressure)सामान्य हो जाता है -

8- बाजार में बिकने वाला करेला(bitter gourd)और सहजन की फली(drumstick)भी उच्च-रक्त चाप रोगी के लिए भी लाभदायक है -

9- साधारण रूप से तीन ग्राम मेथीदाना पावडर सुबह-शाम पानी के साथ लें-इसे पंद्रह दिनों तक लेने से लाभ मालूम होता है-

10- एक बडा चम्मच आंवले का रस और इतना ही शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में लाभ होता है-

Upcharऔर प्रयोग-

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